सफर जारी है.....933
11.05.2022
नेक टिक जा छोरा,सुनत नाय नेकऊ,अपनी अपनी ही दागे जा रयो है।अम्मा जी के आगे तो सबन ने सांप सूंघ जातो। पीठ पे कस के दो थाप धर देती, ऐसो सन्न कर देती कि सब हवा निकल जाती।अब देखो चींटी के हू पर निकर आये हैं।है तो नेकसो सो पर बड़ी फू फांय करे ।अपने आगे काऊ ए गिने ही नाय।कब ते समझा रये है महतारी बाप दोनों पर बा ढीठ के कान पे जू नाय रेंग रई।एक तो आजकल के बालक बड़े मनमौजी होय करें।जो मन में आ गई सो फिर करके ही दम लिंगे,फिर नाय सुन रये वे ब्रह्मा की हू,भले ही से तुम बकबो करो, कीकबो करो, बिन की सेहत पे रत्ती भर हू फर्क नाय पर रयो।सुने ही नाय फिर ।तुम भले ही बकबो करो।
अब कल की बात ई ले लेयो ,वो का कहत ए ,हम्बे मदरस डे ।अब जे नयो चलन चलो है कि मैया की फोटो मोबाइल पे लगा देत ऐं और अखबारन में छाप लिंगे और मन गयो मदरस डे ।अब इन बाबरेन ने इत्त्ती ऊ सल नाय कि कि जो जन्म देबे, तुम्हें नौ महीना अपने पेट में धरे, तुम्हें पाले पोसे ,खुद गीले में सो के तुम्हें सूखे में सुलाबे, खुद भूखी रह के तुमारो पेट भरे ,तुमाई दिन रात कुसल मनाबे ,तुमारो चेहरा देख के जीबे, बो का तुम्हारे काजे साल में एक दिना पूजबे की वस्तु होयगी, तुम बाय पूजो चाये मत पूजो, बाके संग फोटो खींच के लगाबो चाहे मत लगाबो पर बाको मान जरूर राखो।बा ते उलटो सीधो मत बोलो, जबान दराजी मत करो, गाली गुपता मत देयो, चीख चीख के मत बोलो, शांति ते हू बात कही जा सके।हमें खूब सल है कि अब तुम बड़े है गए हो, अब तुम्हे मैया की जरूरत नाय रई, तुम सबरे काम कर सको।अब तो पैसा ई मैया बाप है, बस बाके पीछे दौड़ो भागो, मैया तो एक छोड़ दस मिल जांगी।मैया तो ना मिलो करे हां तुम अपनो काम निकारबे कू मतबल साधबे कू काऊ ए मैया बना ले ओ, बड़े प्यार ते बोलबो करो तो अलग बात है।जो अपनी मैया को सगो ना हो सको, जो मां जाए भैया ते सम्बन्ध नाय रखे वो कौन ए मान दे सके भला।मैया ए औलाद ते कछू नाय चहिये, बस वो बनो रहे राजी खुशी रहबो करे,अपने घर परिवार में अगन मगन बनो रहै इतने में ई आत्मा तृप्त है जाबे, मन भर जाबे बाको।बाने तो अपनो सब कुछ सारी ममता तुम पे लुटा दई,भगवान के आगे मन्नत मांगी ,देवी देवता मनाए तब जाके तुम गोदी में पाए ।अब बताओ तुम ते बढ़ कर बाको कौन है सके, तुम्हारे मोंह ते मैया सुनबे कू कैसी कैसी तरसी, तुम्हाये पहलो शब्द बोलबे पे कैसी खुश भई, सबन ने बताती डोली कि आज हमाये लाला ने मम मम कहबो सीख लयो है, अब वो सरक सरक के चले, दीवार पकड़ के खड़ो है जाबे।अब बा मैया ए तुम आईना दिखाबे डोलत हो,बाए दुनिया भर की बात सुना के अपने कू तुम्मन खा समझबे लगो हो।नेक दिमाग ते सोचो कि कल कू तुमहू महतारी बाप बनोगे तो तुम्हें अच्छो लगेगो का कि तुमाई औलाद तुम्हें मारे पीटे कि तुम्हें अलंकार की भाषा से लजाबे कि तुम्हें मारे पीटे, कि तुम्हाये संग बुरो बर्ताब करे कि तुम्हें घर ते बाहर कर देबे कि तुम्हें बूढ़ेन के आश्रम में छोड़ आबे कि तुम्हें नाती पोतेन ते दूर रखें कि तुमते रोज लड़बो ही करे कि तुम्हें बात बात पे सुनाबो ई करे कि तुम्हारे तीतरे से बिखेरो करे।तो भैया जो बात तुम्हें अपने काजे पसन्द नाय वैसो दूसरे के सङ्ग चों कर रये हो।काहे कू अपनी राह में कांटे बो रये हो, ध्यान रखियो जैसो करोगे वैसो ही भरनो पडेगो।तो नेक अपनो जीवन सुधार लेयो, गुड़ मत देयो पर गुड़ की सी बात तो करो।हमेशा खिंचे बंधे से रहत हो,ऐंठ के मारे पैठ कू जात हो, तुम पे सीधी तरिया ना रहो जाबे।अरे धन्य भाग मानो अपने कि सिर पे मैया बाप को सायो है, भले ही वे सूखे ठूंठ है गए होय, छाया न दे पा रये होय पर तुम्हारो हित ही करिंगे,हित की सी ही कहेंगे।
तो बालको, अब हू समय है कि सुधर जाओ, माता को साल में एक दिन ही नाय होय करे, बो तो हर पल दिल में बसी रये, तुम बई के अंश हो सो बाय कैसे भूल सको।अब निन्यानबे के फेर में पर गये हो सो बाबले है गए हो।जब जगोगे तो मन बडो धिक्कारेगो कि हाय राम हमने जे का कर दयो।बाद में पछताबे ते कछू ना होबे को।सो आज ते बल्कि अबही ते गांठ बांध लेयो कि जननी जन्मभूमि तो स्वर्ग ते हू ऊंची होय करे, बिनको सम्मान करबो चहिये।माताजिन को एक दिन नाय होबो करे ।जे तो दिन रात मन में ध्यान में बसी रये।बिन्हे याद थोड़े ही करनो परे, वो तो हमारे अंदर ही हैं, हमारी शिराओं में बाको खून ही बह रयो है, बाको दूध पीके ही तो हम बड़े भये हैं,बो तो हमारी नस नस में बसी है, सदा हमाये मन में रैत है।हमें समझाबे बताबे की कोई जरूरत नाये कि मैया स्वर्ग ते हू बड़ी होय करे, बाके वास्ते ये तन मन और प्राण है।