सफर जारी है....1009
29.07.2022
ऐसे हते तो हते.......
इतनो टैम तो जा दुनिया ए समझबे में ही निकल गयो, अधबूढ़े होने को आए पर जा दुनिया को सिस्टम कछु समझ न आयो। ऐसे ऐसे झूठे भरे पड़े कि काम निकारबे कू बड़ी बड़ी बात करें, गधा ऊ ए बाप बना लये करे , अगले ए ऐसे ऐसे सब्जबाग दिखाबे कि कछु पूछो ई मत । ऐसे मलाई लगा लगा के बात बनाएंगे कि तुम देखते ही रह जाओ। हमें का सल हती कि ऐसी होय करे दुनिया। हम तो अपने जैसे ई जानते सबन ने कि जो कही जाए वो ही करो करें। काहे कू बड़ी बड़ी बात करें। अरे काहे कू बको जब तिहाए बस की हती नाय तो चुप है जाओ। सांच कहो निखालिस और ओढ़ के कम्बल सो ओ खूब निधड़क होके, काऊ को डर न लगे। वैसे तो काहू ते हू झूठ नाय बोलबो चहिए पर अपने निजी लोगन ते बिलकुल हू नाय। अब झूठ मूठ कू कहते फिरो कि काहू की सौगंध धरवा ले तू ई है हमाई ।अरे भईया दूसरे घर ते आई तो दूसरी ई होय करे चाए तुम अपनी जान हू निकाल के दे दियो, सामने वाले पे नेकऊ फरक नाय पड रयो, दुनिया ए कुटुम मानो, सब अपने ई है ऐसे तो कही ही जाबे पर जे सच नाय होत । घुटना तो पेट कू ही नबो करे। चाकू ते काटो तो ऊ पानी अलग नाय होय।
और हम ऐसे बेवकूफ निकले कि अपनेन ते ई कुट्टी कर लई। ऐसे रूठे कि बिनकी बात ऊ नाय सुनी, हमाए दिमाग में तो जे ही हती कि सच को साथ देनो चहिए। सच ही जीतो करे।
हमें का पतो ई के सबरे के सबरे अपनो काम निकालबे कू ऐसी चिकनी चुपड़ी बात करो करे। हमने तो सांची जानी कि अब बार बार कहो करे कि तू ही चंदा तू ही तारा तू ही धरती तू ही आकाश, तो सांची ही कह रए होंगे। हमें नेकऊ भ्यास नाय भई कि अगलो अपनो काम सही तरियां है जाबे जा मारे मीठी मीठी बात करे। अब एक को कसूर होय तो परेखो करें, पूरो अवा को अवा ही एसो है। घर होय बाहर होय नाते रिश्तेदार होय सब पहले अपनो काम देखे। जे कम अकल वाले तो साधन बनवे कू होय करे। अब अपनी गांठ की अकल नाय राखोगे तो जे ई हाल होयगो। और बनो मीठे, सीधे सट्ट, चूस के निचोड़ के फफ्फस करके फैंक दये जाओगे। फिर बैठे रहियो मूड पकर के, डकरात रहियो अम्मा बाबा ए याद करके, कोऊ न आ रयो बचाबे कू। जब तुम अपनी अक्ल ए गिरवी रख देयगो तो अगले कू का पड़ी है कि अपनो काम धाम छोड़ के तुमाई सपेटबे कू आबे। बाय का पागल कुत्ता ने काटो ए।
तुम्हे सदावरत लूटाबे को शौक चर्रा रयो है तो खूब लुटाबो, तुम ते मने कौन ने करी है। पहले तो सबन के काजे हाथन धरती छोड़ोगे, जरूरत ते ज्यादा करोगे और जब अगलो तुम्हे नेकऊ भाव नाय देगो तो चिलापिलाओगे, तुम्हें बुरो लगेगो, तुम रोयगो झींकोगे, खिसियाओगे। तिहारो दुनिया पे ते विश्वास उठ जावेगो। अरे भलेमानस जे दुनिया ऐसी ही होय करे, सबन ने अपनो काम चहिए, अब तुम बेवकूफ बनो तो बनबो करो। तिहायो ही करो धरो ए, सबने खूब समझाई के नाय कि थोड़ी बहुत चालाकी सीखो, कछु छिपायो ऊ जाबे, पर तिहाई समझ में भरे जब। बहुत आदर्शवादी बनो करती तो भुगतो अब, सब चल दए अपने अपने मारग कू, रह गई ठूंठ सी अकेली, और मत सोचे अपने काजे, तेरे जेसेन को जे ई हाल होनो चहिए। बड़ी चलती दुनिया ते अलग थलग, अब भुगत बैठ के। अकल तो तोय अबहु नाय आय होएगी। ठस्स दिमाग जो है।
अब का बताए बहना तुम कू, भगवन जी ने ई ऐसे गढ़े हैं तो हम का करे, कोई कछु मांगे तो मने नाय करी जाबे। पर दूसरो ज्यादा सयान पताई दिखाए तो गुस्सा तो आबे ही। अब का करे ऐसे हते तो हते।
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