Sunday, September 25, 2022

दिल ही तो है

 21.09.2022

दिल ही तो है ......

अब दिल तो दिल है, कब किससे लग जाए, इसका भला क्या भरोसा,दिल लगा गधी से तो परी क्या चीज है । ये दिल बड़ा बाबरा है। कभी आपके काबू में नहीं रहता। मर्जी चाहे जहां डोलता विचरता रहता है। फिर आपका दिल कहीं खो जाता है और आपको ही पता नहीं रहता। आप गाते डोलते हो .....जाने कहां मेरा जिगर गया जी, अभी अभी यहीं था किधर गया जी। ये दिल कभी आपको दिलदार बना देता है तो कभी दिलफैंक का तमगा दिला देता है और कभी इतना मायूस कर देता है कि आप रोते बिसूरते गाते हो "दिल के अरमान आंसुओं में बह गए, हम वफा करके भी तनहा रह गए" तो कभी हवा में उड़े उड़े डोलते हो "आज मैं ऊपर जमाना है नीचे" । दिल कभी उदास होता है तो कभी बल्लियों उछलता है  "दिल दीवाना बिन सजना के माने ना, ये पगला है समझाने से माने ना।दिल के कारनामे भी बड़े विचित्र है, किसी नकचढ़ी से लग जाए तो घुटी चांद पर जूते लगवा दें और जो किसी दिलवाले के हाथों चोरी हो जाए तो वह  दिल में आपकी मूरत बिठा आपको पूजने की हद तक प्यार करता रहे, बाकायदा आपको पूजती रहे, मनाती रहे, गुनगुनाता रहे..दिल में तुझे बिठा के, कर लूंगी मैं बंद आंखें, पूजा करूंगी तेरी, हो के रहूंगी तेरी। और जो कोई दिल लगा दिल्लगी कर जाए तो ठगे से बैठे रहिए। दिल तो दिल है जनाब, इसके कारनामे कहां तक बखानिएगा। पल में तोला पल में माशा है। कभी कहता है "दिल में बसा के प्यार का तूफान ले चले, हम आज अपनी मौत का सामान ले चले" तो कभी कह उठता है "दिल में किसी के प्यार का जलता हुआ दीया, दुनिया की आंधियों से भला ये बुझेगा क्या"। कभी दिल्ली दिलवालों की हो जाती है तो कभी दिल्ली से दिल वाले खदेड़ दिए जाते हैं। कभी "दिल ही दिल में तुम्हीं से प्यार किया , "परादेशिया ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने तुझको दिल दे दिया, मैं कहती हूं तूने मेरा दिल ले लिया" जैसे नगमे गुनगुनाते हो तो कभी "दिल है छोटा सा छोटी सी आशा, मस्ती भरे दिल की छोटी सी आशा का" राग छेड़ देते हो।

           नाप में दिल भले छोटा सा हो इतना छोटा सा कि मुठ्ठी में समा जाए पर इसके कारनामे बड़े विचित्र है। जब तक धक धक धडकता है तभी तक जिंदा कहे जाते है, किसी के प्यार में पड़ जाए तो दिल धक धक करने लग पड़ता है और चित्रपट की नायिका "धक धक करने लगा कि मेरा जियरा डरने लगा" पे ठुमके लगाने लगती है। "दिल वाले ही दुल्हनिया ले जाने" का साहस रखते हैं। मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं। दिलदारों के क्या कहने, "चलो दिलदार चलो, चांद के पार चलो कि हम हैं तैयार चलो"। झुमका ही नहीं गिरता बरेली के बाजार में, आपका दिल भी चोरी हो जाता है। इस चोरी की कोई एफ आई आर भी नहीं लिखी जाती। बस फिर गाते रहिए "चुरा लिया है दिल को सनम" कोई वापिस नहीं देता। कुछ लोग का दिल दूसरों की खुशियां देख जलता रहता है। ये दिल जले कहे जाते हैं। खुद ख़ाली हाथ होते हैं तो किसी के हाथो में लडडू देख ही नहीं सकते। बस इधर की उधर लगाते रहते हैं। बहुत संभाल के रखना होता है इस दिल को, बड़ा नाजुक सा होता है, जरा से धक्के से टूट जाता है, कांच सा बिखर जाता है और फिर रोना पेंपना शुरू हो जाता है "दिल के टुकड़े टुकड़े कर के मुस्करा के चल दिए, जाते जाते ये तो बता जा हम जिएंगे किस के लिए" । और जो दिल किसी के प्यार में पड़ जाए तो आवारा पागल दीवाना कहाता है। बड़े बड़े किस्से हैं इस दिल के, संभाल के रखिएगा जनाब इसे। ये होता तो तुम्हारे शरीर के बाएं हिस्से में है पर कभी खो जाता है, किसी के हाथो बिक जाता है, गिरवी रख दिया जाता है। कभी दिल में कुछ कुछ होता है पर उसे कोई नाम नहीं दे पाते। बस "कुछ कुछ "होता है तो होता है घबराहटनुमा जैसा, डर जैसा, खुशी से उछलता हुआ। और कहीं जो दो दिल मिल जाएं तो धड़कन तेज हो जाती है और नेपथ्य में गाना बज उठता है "दो दिल मिल रहे हैं मगर चुपके चुपके, सबको हो रही है खबर चुपके चुपके" प्यार इतना गहरा जाता है कि दिल की गहराइयों से आवाज निकलती है"हां हम तुम्हें यूं भुला ना पाएंगे, दिल ही दिल में तुम्हीं से प्यार किया"  टाइप गाने कानों में बजने लगते हैं।तो दिल को धड़कने दीजिए साहब, धमा चौकड़ी मचाने दीजिए, खूब दिलदार बने रहिए, जिससे दिल लगे फिर दिल्लगी मत कीजिएगा, उसके दिल को चोट मत पहुंचाईएगा। बड़ा दुखता है साब जी। दिल की बात दिल वाले ही जानें। "दिल की बात बता देता है असली नकली चेहरा*।

            हमें तो गोपियों के हिय की बात अच्छी लगती है, ये हिया ही उनका दिल है, जिगर है, मन है। वे कृष्ण से बेबाकी से कह देती हैं "तुम कौन धो पाटी पढ़े हो लला मन लेत हो देहु छटांक नहीं" या "ऊधो मन नाही दस बीस, एक हूतो सो गयो श्याम संग को आराधे ईश" । ये  दिल धड़कता रहे , सलामत रहे तभी तक आप जिंदो की केटेगरी में गिने जाते हो । जहां इसकी धक धक बंद हुई, बस राम नाम सत्य हो जाता है। फिर दबाते रहिए दिल को, मुंह से फूंक फूंक कर हवा भरते रहिए, कुछ नहीं होता। रुक गया तो रुक गया। तो चौबीस घण्टे घड़ी की टिकटिक सी उसकी आवाज सुनते रहिए, धक धक धक मतलब आप जिंदा है। खूब शिद्दत से धड़कने दीजिए उसे, आख़िर दिल ही तो है।

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